दरबार तेरा मईया भक्तों ने सजाया है,
दरबार तेरा मईया भक्तों ने सजाया है,
पर्वत से चली आओ भक्तों ने बुलाया है,
पर्वत से चली आओ भक्तों ने बुलाया है,
दरबार तेरा मईया भक्तों ने सजाया है,
दरबार तेरा मईया भक्तों ने सजाया है।।
चंदन की चौकी पे अब आन विराजो मा,
चंदन की चौकी पे अब आन विराजो मा,
कब आओगी मईया मेरा दिल घबराया है,
कब आओगी मईया मेरा दिल घबराया है,
दरबार तेरा मईया भक्तों ने सजाया है,
दरबार तेरा मईया भक्तों ने सजाया है।।
तेरे माथे का टीका भक्तों ने मंगाया है,
तेरे माथे का टीका भक्तों ने मंगाया है,
अब आकर पहनो मां भक्तों ने बुलाया है,
अब आकर पहनो मां भक्तों ने बुलाया है,
दरबार तेरा मईया भक्तों ने सजाया है,
दरबार तेरा मईया भक्तों ने सजाया है।।
तेरे हाथों की मेंहदी मां भक्तों ने मंगाई हैं,
तेरे हाथों की मेंहदी मां भक्तों ने मंगाई हैं,
अब आके लगाओ मां भक्तों ने बुलाया है,
अब आके लगाओ मां भक्तों ने बुलाया है,
दरबार तेरा मईया भक्तों ने सजाया है,
दरबार तेरा मईया भक्तों ने सजाया है।।
तेरे पैरों की पायल भक्तों ने मंगाई है,
तेरे पैरों की पायल भक्तों ने मंगाई है,
अब आकर पहनो मां भक्तों ने बुलाया है,
अब आकर पहनो मां भक्तों ने बुलाया है,
दरबार तेरा मईया भक्तों ने सजाया है,
दरबार तेरा मईया भक्तों ने सजाया है।।
तेरी लाल चुनरिया मां भक्तों ने मंगाई है,
तेरी लाल चुनरिया मां भक्तों ने मंगाई है,
अब आके ओढ़ो मां भक्तों ने बुलाया है,
अब आके ओढ़ो मां भक्तों ने बुलाया है,
दरबार तेरा मईया भक्तों ने सजाया है,
दरबार तेरा मईया भक्तों ने सजाया है।।
तेरे छप्पन भोग हैं मां भक्तों ने बनाये हैं,
तेरे छप्पन भोग हैं मां भक्तों ने बनाये हैं,
तेरा हलवा पूड़ी मां भक्तों ने बनाये हैं,
तेरा हलवा पूड़ी मां भक्तों ने बनाये हैं,
आके भोग लगाओ मां भक्तों ने बुलाया है,
आके भोग लगाओ मां भक्तों ने बुलाया है,
दरबार तेरा मईया भक्तों ने सजाया है,
दरबार तेरा मईया भक्तों ने सजाया है,
पर्वत से चली आओ भक्तों ने बुलाया है,
पर्वत से चली आओ भक्तों ने बुलाया है,
दरबार तेरा मईया भक्तों ने सजाया है,
दरबार तेरा मईया भक्तों ने सजाया है।।