Aaja Ri Bhawani Kahan Der Kari, Der Kari Haan Der Kari/ आजा री भवानी कहां देर करी देर करी हां देर करी। तर्ज –धीरे धीरे बोल कोई सुन ना ले।


आजा री भवानी कहां देर करी, देर करी मां देर करी,
आजा री भवानी कहां देर करी, देर करी मां देर करी,
दरबार तेरा सजाया है चंदन चौकी सजी धरी,
आजा री भवानी कहां देर करी, देर करी मां देर करी,
आजा री भवानी कहां देर करी, देर करी मां देर करी।।

तू महामाई रूप में रूपवती, 
राजा दक्ष की कन्या शील सती,
तू महामाई रूप में रूपवती, 
राजा दक्ष की कन्या शील सती,
ओ सतीयों से सती, सतीयों से सती,
हो तेरी तेज रति, तेरी तेज रति,
तूने नाथ शिव का अपमान सहा,
और कुंड में कूद पड़ी,
आजा री भवानी कहां देर करी, देर करी मां देर करी,
आजा री भवानी कहां देर करी, देर करी मां देर करी।।

तू जगदम्बा सब तालों की ताली,
मनसा, चंडी, मां शेखरी स्पष्ट,
तू जगदम्बा सब तालों की ताली,
मनसा, चंडी, मां शेखरी स्पष्ट,
आदर्श की बड़ी, आदर्श की बड़ी,
आजा शेर पे चढ़ी, आजा शेर पे चढ़ी,
तू मैया चिंतपूर्णी है यहां देवी अस्पष्ट वाली,
आजा री भवानी कहां देर करी, देर करी मां देर करी,
आजा री भवानी कहां देर करी, देर करी मां देर करी,
दरबार तेरा सजाया है चंदन चौकी सजी धरी,
आजा री भवानी कहां देर करी, देर करी मां देर करी,
आजा री भवानी कहां देर करी, देर करी मां देर करी।।


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