Showing posts with label Bhat Geet. Show all posts
Showing posts with label Bhat Geet. Show all posts

Tumhe Accha Bhat Pahnaye Dungi /मत रुठो ननदी हमारी।


तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
मत रुठो ननदी हमारी, मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी।।

मेरे गांव में सुनरा बहुत हैं,
मेरे गांव में सुनरा बहुत हैं,
सुनरा बहुत हैं सुनरा बहुत हैं,
सुनरा बहुत हैं सुनरा बहुत हैं,
भारी सी नथ गड़वाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
भारी सी नथ गड़वाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी।।

मेरे गांव में बजजिया बहुत हैं,
मेरे गांव में बजजिया बहुत हैं,
बजजिया बहुत हैं, बजजिया बहुत हैं,
बजजिया बहुत हैं, बजजिया बहुत हैं,
तोहे साड़ी नई दिलवाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तोहे साड़ी नई दिलवाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी।।

मेरे गांव में दर्जी बहुत हैं,
मेरे गांव में दर्जी बहुत हैं,
दर्जी बहुत हैं, दर्जी बहुत हैं,
दर्जी बहुत हैं, दर्जी बहुत हैं,
तोहे चोली नई सिलवाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तोहे चोली नई सिलवाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी।।

मेरे गांव में हलवाई बहुत हैं,
मेरे गांव में हलवाई बहुत हैं,
हलवाई बहुत हैं, हलवाई बहुत हैं,
हलवाई बहुत हैं, हलवाई बहुत हैं,
तोहे लड्डू, पेड़े दिलवाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तोहे लड्डू, पेड़े दिलवाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
मत रुठो ननदी हमारी, मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी।।
Share:

Kathe Se Aawe Heeng Kathe Se Aawe Jeera/Bhat Geet Lyrics In Hindi.



कठे से आवे हींग, कठे से आवे जीरा,
कठे से आवे हींग, कठे से आवे जीरा,
कठे से आवे री मेरी मां का जाया वीरा,
कठे से आवे री मेरी मां का जाया वीरा,
कठे से आवे हींग, कठे से आवे जीरा,
कठे से आवे हींग, कठे से आवे जीरा।।

कलकत्ता से आवे हींग, बम्बई से आवे जीरा,
कलकत्ता से आवे हींग, बम्बई से आवे जीरा,
शहर से आवे री मेरी मां का जाया वीरा,
शहर से आवे री मेरी मां का जाया वीरा,
कठे से आवे हींग, कठे से आवे जीरा।।

काहे में आई हींग, काहे में आवे जीरा,
काहे में आई हींग, काहे में आवे जीरा,
काहे में आवे री मेरी मां का जाया वीरा,
काहे में आवे री मेरी मां का जाया वीरा,
डब्बे में आई हींग, शीशी में आवे जीरा,
डब्बे में आई हींग, शीशी में आवे जीरा,
कारों में आवे री मेरी मां का जाया वीरा,
कारों में आवे री मेरी मां का जाया वीरा,
कठे से आवे हींग, कठे से आवे जीरा।।

काहे की शोभा हींग, काहे की शोभा जीरा,
काहे की शोभा हींग, काहे की शोभा जीरा,
काहे की शोभा रे़, मेरी मां का जाया वीरा,
काहे की शोभा रे़, मेरी मां का जाया वीरा,
कढ़ी की शोभा हींग, रायते की शोभा जीरा,
कढ़ी की शोभा हींग, रायते की शोभा जीरा,
पटरे की शोभा री मेरी मां का जाया वीरा,
पटरे की शोभा री मेरी मां का जाया वीरा,
कठे से आवे हींग, कठे से आवे जीरा,
कठे से आवे हींग, कठे से आवे जीरा।।


For more follow our website: www.Hindikathayen.com









Share: