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Darbar Saja Hai Aa Bhi Jao Shyam Ji/ दरबार सजा है आ भी जाओ श्याम जी।


दरबार सजा है आ भी जाओ श्याम जी,
प्रसाद रखा है भोग लगाओ श्याम जी,
दरबार सजा है आ भी जाओ श्याम जी,
प्रसाद रखा है भोग लगाओ श्याम जी,
जो मन को भाये वो ही खाओ श्याम जी,
जो मन को भाये वो ही खाओ श्याम जी,
ओ मेरे श्याम जी, मेरे श्याम जी,
दरबार सजा है आ भी जाओ श्याम जी,
प्रसाद रखा है भोग लगाओ श्याम जी।।

ये माखन और दही के खाने वाले ओ मोहन,
ये माखन और दही के खाने वाले ओ मोहन,
मैं खीर चूरमा लाया, लड्डू और भोग हैं छप्पन,
मैं खीर चूरमा लाया, लड्डू और भोग हैं छप्पन,
ये सब तेरा ही दिया हुआ है श्याम जी,
ये सब तेरा ही दिया हुआ है श्याम जी,
ओ मेरे श्याम जी, मेरे श्याम जी,
दरबार सजा है आ भी जाओ श्याम जी,
प्रसाद रखा है भोग लगाओ श्याम जी।।

ये सेब संतरे केले, ये संगत और ये मेले,
ये सेब संतरे केले, ये संगत और ये मेले,
सब तेरा शुकराना है, कुछ भी ना कोई अकेले,
सब तेरा शुकराना है, कुछ भी ना कोई अकेले,
जो कमी लगे वो दूर कराओ श्याम जी,
जो कमी लगे वो दूर कराओ श्याम जी,
ओ श्याम जी, मेरे श्याम जी,
दरबार सजा है आ भी जाओ श्याम जी,
प्रसाद रखा है भोग लगाओ श्याम जी।।

अब देखेगी ये दुनिया, मेरे बाबा जी का जलवा,
अब देखेगी ये दुनिया, मेरे बाबा जी का जलवा,
जब खायेंगे लंगर में वो साथ बैठकर हलवा,
जब खायेंगे लंगर में वो साथ बैठकर हलवा,
अब हाथ उठाओ शुरू कराओ लांगरी,
अब हाथ उठाओ शुरू कराओ लांगरी,
ओ श्याम जी, मेरे श्याम जी,
दरबार सजा है आ भी जाओ श्याम जी,
प्रसाद रखा है भोग लगाओ श्याम जी।।

दरबार सजा है आ भी जाओ श्याम जी,
प्रसाद रखा है भोग लगाओ श्याम जी,
जो मन को भाये वो ही खाओ श्याम जी,
जो मन को भाये वो ही खाओ श्याम जी,
ओ मेरे श्याम जी, मेरे श्याम जी,
दरबार सजा है आ भी जाओ श्याम जी,
प्रसाद रखा है भोग लगाओ श्याम जी।।
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