Jo Bandh Gaya Banke Bihari Se/जो बंध गया बांके बिहारी से।


जो बंध गया बांके बिहारी से,
वो छुट गया दुनिया दारी से,
जो बंध गया बांके बिहारी से,
वो छुट गया दुनिया दारी से,
जो बंध गया बांके बिहारी से,
वो छुट गया दुनिया दारी से,
जो रंग गया गोविंद के रंग में,
वो पहुंच गया वृन्दावन में,
जो रंग गया गोविंद के रंग में,
वो पहुंच गया वृन्दावन में,
राधे राधे राधे राधे, राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे राधे राधे, राधे राधे राधे राधे,
जो बंध गया बांके बिहारी से,
वो छुट गया दुनिया दारी से,
जो बंध गया बांके बिहारी से,
वो छुट गया दुनिया दारी से।।

गोविंद को पाने की चाहत, 
तुझे गोविंद से मिलवायेगी,
गोविंद को पाने की चाहत, 
तुझे गोविंद से मिलवायेगी,
ये प्रेम मुहब्बत ही एक दिन, 
वृन्दावन खींच ले जायेगी,
ये प्रेम मुहब्बत ही एक दिन, 
वृन्दावन खींच ले जायेगी,
भक्ति की लहरिया तन मन में, 
फिर सोया भाग जगाएगी,
भक्ति की लहरिया तन मन में, 
फिर सोया भाग जगाएगी,
राधे राधे राधे राधे, राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे राधे राधे, राधे राधे राधे राधे,
जो बंध गया बांके बिहारी से,
वो छुट गया दुनिया दारी से,
जो बंध गया बांके बिहारी से,
वो छुट गया दुनिया दारी से,
जो रंग गया गोविंद के रंग में,
वो पहुंच गया वृन्दावन में,
जो रंग गया गोविंद के रंग में,
वो पहुंच गया वृन्दावन में।।

बृज रज की महिमा कौन कहे,
बृज रज तो रस की खान है,
बृज रज की महिमा कौन कहे,
बृज रज तो रस की खान है,
बृज रज जब माथे से लगती,
ये सुख तो स्वर्ग समान है,
बृज रज जब माथे से लगती,
ये सुख तो स्वर्ग समान है,
कण कण में माधव बसे हुये,
मोहन का लीला धाम है,
कण कण में माधव बसे हुये,
मोहन का लीला धाम है,
राधे राधे राधे राधे, राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे राधे राधे, राधे राधे राधे राधे,
जो बंध गया बांके बिहारी से,
वो छुट गया दुनिया दारी से,
जो बंध गया बांके बिहारी से,
वो छुट गया दुनिया दारी से,
जो रंग गया गोविंद के रंग में,
वो पहुंच गया वृन्दावन में,
जो रंग गया गोविंद के रंग में,
वो पहुंच गया वृन्दावन में।।

जो पहुंच गया वृन्दावन में, 
वो प्रेम का अलख जगाता है,
जो पहुंच गया वृन्दावन में, 
वो प्रेम का अलख जगाता है,
जो मिला है बांके बिहारी से,
सारी दुनिया में गाता है,
जो मिला है बांके बिहारी से,
सारी दुनिया में गाता है,
श्री वृन्दावन की कुंजन में,
प्रेमी प्रियतम को पाता है,
श्री वृन्दावन की कुंजन में,
प्रेमी प्रियतम को पाता है,
राधे राधे राधे राधे, राधे राधे राधे राधे,
राधे राधे राधे राधे, राधे राधे राधे राधे,
जो बंध गया बांके बिहारी से,
वो छुट गया दुनिया दारी से,
जो बंध गया बांके बिहारी से,
वो छुट गया दुनिया दारी से,
जो रंग गया गोविंद के रंग में,
वो पहुंच गया वृन्दावन में,
जो रंग गया गोविंद के रंग में,
वो पहुंच गया वृन्दावन में।।
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