Shankar Bhola Bhandari Re/शंकर भोला भंडारी रे।तर्ज–पंख होते तो उड़ आती रे।


हो ओ ओ ओ ओ 
शंकर भोला भंडारी रे शंकर ओ भोलेनाथ,
तेरा डमरू डम डम बाजे रे,
हो ओ ओ ओ ओ 
शंकर भोला भंडारी रे शंकर ओ भोलेनाथ, 
तेरा डमरू डम डम बाजे रे।।

डम डम, डम डम डमरू है बाजे,
छम छम, छम छम गौरा जी नाचे,
डम डम, डम डम डमरू है बाजे,
छम छम, छम छम गौरा जी नाचे,
कैलाश पर्वत पे हैं भोले बाबा, ओ, ओ, ओ,
कैलाश पर्वत पे हैं भोले बाबा,
हाथों में डमरू सर्पों की माला,
शंकर ओ भोलेनाथ, तेरा डमरू डम डम बाजे रे,
हो ओ ओ ओ ओ 
शंकर भोला भंडारी रे शंकर ओ भोलेनाथ,
तेरा डमरू डम डम बाजे रे।।

भोले तेरी महिमा है न्यारी,
तन भभूति बैल सवारी,
भोले तेरी महिमा है न्यारी,
तन भभूति बैल सवारी,
माथे पे तेरे विराजे है चंदा, ओ, ओ, ओ 
माथे पे तेरे विराजे है चंदा,
जटा में तेरे बहती है गंगा, 
शंकर ओ भोलेनाथ, तेरा डमरू डम डम बाजे रे,
हो ओ ओ ओ ओ 
शंकर भोला भंडारी रे शंकर ओ भोलेनाथ,
तेरा डमरू डम डम बाजे रे।।

गौरा से तूने शादी रचाई,
खुशी में सबको भांग पिलाई,
गौरा से तूने शादी रचाई,
खुशी में सबको भांग पिलाई,
सारे भूत बाराती हैं तेरे, ओ, ओ, ओ,
सारे भूत बाराती हैं तेरे,
जब लिये तूने अग्नि के फेरे,
शंकर ओ भोलेनाथ, तेरा डमरू डम डम बाजे रे,
हो ओ ओ ओ ओ 
शंकर भोला भंडारी रे शंकर ओ भोलेनाथ,
तेरा डमरू डम डम बाजे रे।।

औरों को तूने अमृत पिलाया,
खुद को तूने जहर पिलाया,
औरों को तूने अमृत पिलाया,
खुद को तूने जहर पिलाया,
तेरी महिमा कोई ना जाने, ओ, ओ, ओ,
तेरी महिमा कोई ना जाने,
बीतीं सदियां बीते जमाने,
शंकर ओ भोलेनाथ, तेरा डमरू डम डम बाजे रे,
हो ओ ओ ओ ओ 
शंकर भोला भंडारी रे शंकर ओ भोलेनाथ,
तेरा डमरू डम डम बाजे रे।।

बहती जटा में गंगा की धारा,
घूमें भोले उसका किनारा,
बहती जटा में गंगा की धारा,
घूमें भोले उसका किनारा,
आजा भोले दर्शन दिखा जा, ओ, ओ, ओ,
आजा भोले दर्शन दिखा जा,
डूबती नैया को पार लगा जा,
शंकर ओ भोलेनाथ, तेरा डमरू डम डम बाजे रे,
हो ओ ओ ओ ओ 
शंकर भोला भंडारी रे शंकर ओ भोलेनाथ,
तेरा डमरू डम डम बाजे रे।।

Share:

Sasu Ladungi Jaroor Chahe Jaan Chali Jaye/ सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये।


सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
चाहे जान चली जाये, चाहे जान चली जाये,
चाहे जान चली जाये, चाहे जान चली जाये,
सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये।।

जैसे दो टमाटर लाल वैसे सासू जी के गाल,
जैसे दो टमाटर लाल वैसे सासू जी के गाल,
मैं पिचकाऊंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
मैं पिचकाऊंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
चाहे जान चली जाये, चाहे जान चली जाये,
चाहे जान चली जाये, चाहे जान चली जाये,
सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये।।

जैसे बन्दर की पूंछ वैसे ससुरा जी की मूंछ,
जैसे बन्दर की पूंछ वैसे ससुरा जी की मूंछ,
मैं उखाडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
मैं  उखाडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
चाहे जान चली जाये, चाहे जान चली जाये,
चाहे जान चली जाये, चाहे जान चली जाये,
सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये।।

जैसे नारियल के बाल वैसे जिठनी जी के बाल,
जैसे नारियल के बाल वैसे जिठनी जी के बाल,
मैं तो नोचूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
मैं तो नोचूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
चाहे जान चली जाये, चाहे जान चली जाये,
चाहे जान चली जाये, चाहे जान चली जाये,
सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये।।

जैसे इंडिया का गेट वैसे जेठ जी का पेट,
जैसे इंडिया का गेट वैसे जेठ जी का पेट,
मैं तो फोड़ूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
मैं तो फोड़ूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
चाहे जान चली जाये, चाहे जान चली जाये,
चाहे जान चली जाये, चाहे जान चली जाये,
सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये।।

जैसे मगरमच्छ के हाथ वैसे ननदी जी के दांत,
जैसे मगरमच्छ के हाथ वैसे ननदी जी के दांत,
मैं तो तोडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
मैं तो तोडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
चाहे जान चली जाये, चाहे जान चली जाये,
चाहे जान चली जाये, चाहे जान चली जाये,
सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये।।

जैसे मूंगफली के दाने वैसे देवर जी के ताने,
जैसे मूंगफली के दाने वैसे देवर जी के ताने,
मुंह को फोड़ूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
मुंह को फोड़ूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
चाहे जान चली जाये, चाहे जान चली जाये,
चाहे जान चली जाये, चाहे जान चली जाये,
सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये।।

जैसे बिन पेंदे का लोटा वैसे सासू तेरा बेटा,
जैसे बिन पेंदे का लोटा वैसे सासू तेरा बेटा,
मैं नचाऊंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
मैं नचाऊंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
चाहे जान चली जाये, चाहे जान चली जाये,
चाहे जान चली जाये, चाहे जान चली जाये,
सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये,
सासू लडूंगी जरूर चाहे जान चली जाये।।

Share:

Nanad Ke Aane Se Jiya Ghabraye/ननद के आने से जिया घबराये।


ननद के आने से जिया घबराये,
ननद के आने से जिया घबराये,
जिया घबराये मेरा जिया घबराये,
जिया घबराये मेरा जिया घबराये,
ननद के आने से जिया घबराये,
ननद के आने से जिया घबराये।।

सब साड़ी मेरी मंहगी बहुत हैं,
सब साड़ी मेरी मंहगी बहुत हैं,
महंगी बहुत हैं जी मंहगी बहुत हैं,
महंगी बहुत हैं जी मंहगी बहुत हैं,
मैं सोच रही राजा रुमाल दिया जाये,
मैं सोच रही राजा रुमाल दिया जाये,
ननद के आने से जिया घबराये,
ननद के आने से जिया घबराये।।

सब गहने मेरे भारी बहुत हैं,
सब गहने मेरे भारी बहुत हैं,
भारी बहुत हैं जी भारी बहुत हैं,
भारी बहुत हैं जी भारी बहुत हैं,
मैं सोच रही राजा लौंग दिया जाये,
मैं सोच रही राजा लौंग दिया जाये,
ननद के आने से जिया घबराये,
ननद के आने से जिया घबराये।।

सब बर्तन मेरे भारी बहुत हैं,
सब बर्तन मेरे भारी बहुत हैं,
भारी बहुत हैं जी भारी बहुत हैं,
भारी बहुत हैं जी भारी बहुत हैं,
मैं सोच रही राजा चम्मच दिया जाये,
मैं सोच रही राजा चम्मच दिया जाये,
ननद के आने से जिया घबराये,
ननद के आने से जिया घबराये।।

लड्डू, मेवा महंगे बहुत हैं,
लड्डू, मेवा महंगे बहुत हैं,
महंगे बहुत हैं जी महंगे बहुत हैं,
महंगे बहुत हैं जी महंगे बहुत हैं,
मैं सोच रही राजा बताशा दिया जाये,
मैं सोच रही राजा बताशा दिया जाये,
ननद के आने से जिया घबराये,
ननद के आने से जिया घबराये।।


Share:

Tumhe Accha Bhat Pahnaye Dungi /मत रुठो ननदी हमारी।


तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
मत रुठो ननदी हमारी, मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी।।

मेरे गांव में सुनरा बहुत हैं,
मेरे गांव में सुनरा बहुत हैं,
सुनरा बहुत हैं सुनरा बहुत हैं,
सुनरा बहुत हैं सुनरा बहुत हैं,
भारी सी नथ गड़वाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
भारी सी नथ गड़वाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी।।

मेरे गांव में बजजिया बहुत हैं,
मेरे गांव में बजजिया बहुत हैं,
बजजिया बहुत हैं, बजजिया बहुत हैं,
बजजिया बहुत हैं, बजजिया बहुत हैं,
तोहे साड़ी नई दिलवाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तोहे साड़ी नई दिलवाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी।।

मेरे गांव में दर्जी बहुत हैं,
मेरे गांव में दर्जी बहुत हैं,
दर्जी बहुत हैं, दर्जी बहुत हैं,
दर्जी बहुत हैं, दर्जी बहुत हैं,
तोहे चोली नई सिलवाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तोहे चोली नई सिलवाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी।।

मेरे गांव में हलवाई बहुत हैं,
मेरे गांव में हलवाई बहुत हैं,
हलवाई बहुत हैं, हलवाई बहुत हैं,
हलवाई बहुत हैं, हलवाई बहुत हैं,
तोहे लड्डू, पेड़े दिलवाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तोहे लड्डू, पेड़े दिलवाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
मत रुठो ननदी हमारी, मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी,
तुम्हें अच्छा भात पहनाए दूंगी मत रुठो ननदी हमारी।।
Share:

Ram Ram Bolo Sare Bolo Krishna Kanhai/राम राम बोलो सारे बोलो कृष्ण कन्हाई।


राम राम बोलो सारे बोलो कृष्ण कन्हाई,
राम राम बोलो सारे बोलो कृष्ण कन्हाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
हां राम राम बोलो सारे बोलो कृष्ण कन्हाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई।।

भक्त बुलावे आवाज मारे,
भक्त बुलावे आवाज मारे,
आजा, आजा, आजा द्वारे,
आजा, आजा, आजा द्वारे,
हरि नाम का कर लो सुमिरन,
घड़ी सुहानी आई,
हरि नाम का कर लो सुमिरन,
घड़ी सुहानी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
हां राम राम बोलो सारे बोलो कृष्ण कन्हाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई।।

घर आंगन को खूब सजाओ,
घर आंगन को खूब सजाओ,
भक्त आये आज खुशी मनाओ,
भक्त आये आज खुशी मनाओ,
शहर–शहर और गली–गली में,
नाम की जोत जलाई,
शहर–शहर और गली–गली में,
नाम की जोत जलाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
हां राम राम बोलो सारे बोलो कृष्ण कन्हाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई।।

अमृत समय है जागो सारे,
अमृत समय है जागो सारे,
हरि नाम गुण गा लो सारे,
हरि नाम गुण गा लो सारे,
चार बजे उठ कर लो सुमिरन,
कर लो नेक कमाई,
चार बजे उठ कर लो सुमिरन,
कर लो नेक कमाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
हां राम राम बोलो सारे बोलो कृष्ण कन्हाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई।।

कलयुग में केवल नाम आधारा,
कलयुग में केवल नाम आधारा,
सुमर–सुमर नर उतरे पारा,
सुमर–सुमर नर उतरे पारा,
आओ भक्तों मिलकर सारे,
नाम की करो कमाई,
आओ भक्तों मिलकर सारे,
नाम की करो कमाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
हां राम राम बोलो सारे बोलो कृष्ण कन्हाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई।।

गोविन्द हरे, गोपाल हरे,
गोविन्द हरे, गोपाल हरे,
जय, जय प्रभु दीनदयाल हरे,
जय, जय प्रभु दीनदयाल हरे,
शिव भोले ने अपने मुख से,
प्यारी धुन है गाई,
शिव भोले ने अपने मुख से,
प्यारी धुन है गाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
हां राम राम बोलो सारे बोलो कृष्ण कन्हाई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई,
उठो, उठो, उठो जी प्रभात फेरी आई।।
Share:

Chipte Chipate Aa Gai Re Banna Teri Nagariya/छिपते छिपाते आ गई रे बन्ना तेरी नगरिया।


छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
द्वारे पे बैठी मम्मी हमारी,
द्वारे पे बैठी मम्मी हमारी,
खिड़की से कूद मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
खिड़की से कूद मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया।।

रस्ते में मिल गये भइया हमारे,
रस्ते में मिल गये भइया हमारे,
घूंघट निकाल मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
घूंघट निकाल मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया।।

गलियों में मिल गई बहना हमारी,
गलियों में मिल गई बहना हमारी,
अंगुली दिखाये मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
अंगुली दिखाये मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया।।

बाजार में मिल गये पापा हमारे,
बाजार में मिल गये पापा हमारे,
बातें बनाये मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
बातें बनाये मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया।।

चौराहे पे मिल गई पड़ोसन हमारी,
चौराहे पे मिल गई पड़ोसन हमारी,
चकमा दे मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
चकमा दे मैं तो आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया,
छिपते–छिपाते आ गई रे,
बन्ना तेरी नगरिया।।
Share:

Kartik Maas Mahatmaya Satwan Adhyay/कार्तिक मास महात्म्य सातवां अध्याय


इस प्रकार विभिन्न व्रतों का परिचय पाने के बाद राजा पृथु ने कहा–हे नारद जी! आपके द्वारा विभिन्न व्रतों का परिचय पाकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है। अब आप कृपा करके कार्तिक मास के किसी एक प्रमुख व्रत के विषय में मुझे बताएं। नारद जी कहने लगे कि हे राजन्! लोकहित में तुमने यह बड़ा ही सुन्दर प्रश्न किया है। सुनो, मैं तुम्हे कार्तिक मास में परम पवित्र तक्त व्रत की कथा सुनाता हूं। यह व्रत सौभाग्यवती स्त्रियों को अवश्य करना चाहिए।  व्रत करने का जो विधि–विधान मुझे ब्रह्मा जी ने बताया था वही मैं तुमसे कहता हूं। अतः तुम उसे ध्यानपुर्वक सुनो–आश्विन मास की पूर्णिमा को प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में बिस्तर छोड़ देना चाहिए उसके बाद नित्य कर्मों से निवृत होकर स्नान करना चाहिए। किसी नदी या सरोवर आदि में स्नान करें तो बहुत उत्तम है, यदि ऐसी व्यवस्था ना हो सके तो घर पर ही स्नान करें। 


व्रती को व्रत से एक दिन पहले सिर नहीं धोना चाहिए। स्नान के बाद सुन्दर वस्त्र और आभूषण धारण करें। ईश्वर का ध्यान करके व्रत का संकल्प लें और इस प्रकार से प्रार्थना करें कि हे जगतपति! आप कृपा करके मेरे समस्त कुल की रक्षा कीजिए। मेरे पति ( यदि स्त्री करे तो) अथवा मेरी पत्नी ( यदि पुरुष करे तो) तथा बच्चों की रक्षा कीजिए। उसके पश्चात् भगवान सूर्य को प्रणाम करें। व्रत करने वाले को दिन के समय भोजन नहीं करना चाहिए और ना ही जल ग्रहण करना चाहिए। पूरा दिन भजन और पूजन में ही लगाना चाहिए। 


हे राजन्! सायंकाल में चांदी के पात्र में दूध डालकर ब्रह्मा जी का पूजन करना चाहिए। ब्रह्मा जी की सोने, चांदी, तांबा अथवा मिट्टी की मूर्ति बनानी चाहिए। उसके बाद मूर्ति को लाल वस्त्र पहनाएं और विधि पूर्वक पूजा करें। चांदी के पात्र में रखे दूध को सोने की मथनी से मथें और प्रार्थना करें कि हे ब्रह्मा जी! आप कृपा करके मेरे पति/पत्नी, और बच्चों की रक्षा करें, उन्हें धन–धान्य से युक्त और चिरंजीवी करें। नित्य प्रति पंचदेवों का पूजन करें उसके बाद ब्राह्मणों को भोजन कराएं। परिवार के वृद्ध परिजनों को स्वादिष्ट भोजन खिलाकर तृप्त करें। उसके पश्चात् संध्या होने पर स्वयं तारों के दर्शन करने के बाद भोजन करें।


हे राजन्! आश्विन शुक्ल पक्ष की पूर्णमासी को किया गया यह व्रत ब्रह्मा जी का तक्त व्रत कहलाता है। यह व्रत सभी प्रकार के पापों को नष्ट करता है। व्रत करने वाले की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। ज्ञानी जन इस व्रत के फलस्वारूप मुक्ति प्राप्त करते हैं। ब्रह्मा जी के सम्मुख इस दिन कपूर प्रज्ज्वलित करने से साधक को वृक्षदान और गौदान का फल मिलता है। जो साधक ब्रह्मा जी को केसर–कस्तूरी सहित कपूर चढ़ाता है उसकी कई पीढ़ियां ब्रह्मलोक को प्राप्त होती हैं। जो श्रद्धालु महिला इस दिन वस्त्रदान करती है वह जन्म–जन्मांतर तक बैकुंठ में वास करती है। आभूषण दान करने पर ब्रह्मलोक की प्राप्ति होती है। 

Share:

Uga He Suraj Dev Bhor Bhinsarva/उगा हे सूरज देव भोर भिनसरवा ।


उगा हे सूरज देव भोर भिनसरवा,
अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो,
उगा हे सूरज देव भोर भिनसरवा,
अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो।।

बड़की पुकारे देव दुनु कर जोरवा,
अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो।।

बाँझिन पुकारें देव दुनु कर जोरवा,
अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो।।

अंधा पुकारे देव दुनु कर जोरवा,
अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो।।

निर्धन पुकारे देव दुनु कर जोरवा,
अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो।।

कोढ़िया पुकारे देव दुनु कर जोरवा,
अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो।।

लंगड़ा पुकारे देव दुनु कर जोरवा,
अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो।।

उगा हे सूरज देव भेल भिनसरवा,
अरघ के रे बेरवा हो पूजन के रे बेरवा हो।।
Share:

Sau Sau Rang Bhare Hain Ramayan Ji Mein/ सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में।


सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
रामायण जी में रामायण जी में,
रामायण जी में रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में।।

राम का जनम राम का बचपन,
राम का जनम राम का बचपन,
राम का जनम राम का बचपन,
कौशल्या की गोद में भगवन्,
कौशल्या की गोद में भगवन्,
भोले द्वार खड़े हैं श्री दशरथ जी के,
भोले द्वार खड़े हैं श्री दशरथ जी के,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में।।

भरत का तिलक राम वन जाना,
भरत का तिलक राम वन जाना,
भरत का तिलक राम वन जाना,
दशरथ जी ने नहीं पहचाना,
दशरथ जी ने नहीं पहचाना,
कैकेई के करम लिखे हैं रामायण जी में,
कैकेई के करम लिखे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में।।

रावण का आना सिया को ले जाना,
रावण का आना सिया को ले जाना,
रावण का आना सिया को ले जाना,
सुपर्णखा का नाक कटाना,
सुपर्णखा का नाक कटाना,
शबरी के बेर लिखे हैं रामायण जी में,
शबरी के बेर लिखे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में।।

हनुमत का आना सिया को ढूंढ लाना,
हनुमत का आना सिया को ढूंढ लाना,
हनुमत का आना सिया को ढूंढ लाना,
लंका में जाके सिया को समझाना,
लंका में जाके सिया को समझाना,
सुंदरकांड लिखे हैं रामायण जी में,
सुंदरकांड लिखे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में।।

राम को भजना और हनुमत को जपना,
राम को भजना और हनुमत को जपना,
राम को भजना और हनुमत को जपना,
गौरी की पूजा और भोले को भजना,
गौरी की पूजा और भोले को भजना,
भव से पार हो जाना रामायण जी में,
भव से पार हो जाना रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
रामायण जी में रामायण जी में,
रामायण जी में रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में,
सौ सौ रंग भरे हैं रामायण जी में।।

Share:

Sabko Daras Diye Jana Maiya Jab Jana Mandirwa Mein/ सबको दरस दिये जाना मईया जब जाना मंदिरवा में।


सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में।।

मईया के दुवारे एक अंधा पुकारे,
मईया के दुवारे एक अंधा पुकारे,
अंधा पुकारे मईया वो नैना मांगे,
अंधा पुकारे मईया वो नैना मांगे,
अंधे को नैन दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
अंधे को नैन दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में।।

मईया के दुवारे एक लंगड़ा पुकारे,
मईया के दुवारे एक लंगड़ा पुकारे,
लंगड़ा पुकारे मईया वो पैर मांगे,
लंगड़ा पुकारे मईया वो पैर मांगे,
लंगड़े को पैर दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
लंगड़े को पैर दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में।।

मईया के दुवारे एक बांझन पुकारे,
मईया के दुवारे एक बांझन पुकारे,
बांझन पुकारे मईया वो बालक मांगे,
बांझन पुकारे मईया वो बालक मांगे,
बांझन को बालक दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
बांझन को बालक दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में।।

मईया के दुवारे एक निर्धन पुकारे,
मईया के दुवारे एक निर्धन पुकारे,
निर्धन पुकारे मईया वो धन मांगे,
निर्धन पुकारे मईया वो धन मांगे,
निर्धन को धन दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
निर्धन को धन दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में।।

मईया के दुवारे एक कन्या पुकारे,
मईया के दुवारे एक कन्या पुकारे,
कन्या पुकारे मईया वो घर वर मांगे,
कन्या पुकारे मईया वो घर वर मांगे,
कन्या को घर वर दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
कन्या को घर वर दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में।।

मईया के दुवारे एक बालक पुकारे,
मईया के दुवारे एक बालक पुकारे,
बालक पुकारे मईया वो विद्या मांगे,
बालक पुकारे मईया वो विद्या मांगे,
बालक को विद्या दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
बालक को विद्या दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में,
सबको दरस दिये जाना मईया,
जब जाना मंदिरवा में।।

Share: