Kitna Nirmal Hai Kitna Pavan Hai/कितना निर्मल है कितना पावन है। तर्ज –इन्हीं लोगों ने ले लीना दुप्पटा मेरा।


कितना पावन है कितना निर्मल है,

कितना पावन है कितना निर्मल है,

कितना शीतल है तेरा पानी ओ गंगा मैया,

कितना शीतल है तेरा पानी ओ गंगा मैया,

कितना पावन है कितना निर्मल है,

कितना पावन है कितना निर्मल है,

कितना शीतल है तेरा पानी ओ गंगा मैया,

कितना शीतल है तेरा पानी ओ गंगा मैया।।


हमरी ना मानो तो ब्रह्मा से पूछो,

हमरी ना मानो तो ब्रह्मा से पूछो,

हमरी ना मानो तो ब्रह्मा से पूछो हां,

हमरी ना मानो तो ब्रह्मा से पूछो,

जिनके कमंडल में समाई ओ गंगा मैया,

जिनके कमंडल में समाई ओ गंगा मैया,

कितना पावन है कितना निर्मल है,

कितना शीतल है तेरा पानी ओ गंगा मैया,

कितना शीतल है तेरा पानी ओ गंगा मैया।।


हमरी ना मानो तो विष्णु से पूछो,

हमरी ना मानो तो विष्णु से पूछो,

हमरी ना मानो तो विष्णु से पूछो, हां,

हमरी ना मानो तो विष्णु से पूछो,

जिनके चरणों से है निकलीं ओ गंगा मैया,

जिनके चरणों से है निकलीं ओ गंगा मैया,

कितना पावन है कितना निर्मल है,

कितना शीतल है तेरा पानी ओ गंगा मैया,

कितना शीतल है तेरा पानी ओ गंगा मैया।।


हमरी ना मानो तो शिव जी से पूछो,

हमरी ना मानो तो शिव जी से पूछो,

हमरी ना मानो तो शिव जी से पूछो, हां,

हमरी ना मानो तो शिव जी से पूछो,

जिनकी जटा से हैं निकलीं ओ गंगा मैया,

जिनकी जटा से हैं निकलीं ओ गंगा मैया,

कितना पावन है कितना निर्मल है,

कितना शीतल है तेरा पानी ओ गंगा मैया,

कितना शीतल है तेरा पानी ओ गंगा मैया।।


हमरी ना मानो तो भगीरथ से पूछो,

हमरी ना मानो तो भगीरथ से पूछो,

हमरी ना मानो तो भगीरथ से पूछो, हां,

हमरी ना मानो तो भगीरथ से पूछो,

जिनके पितरों को है तारा ओ गंगा मैया,

जिनके पितरों को है तारा ओ गंगा मैया,

कितना पावन है कितना निर्मल है,

कितना शीतल है तेरा पानी ओ गंगा मैया,

कितना शीतल है तेरा पानी ओ गंगा मैया।।


हमरी ना मानो तो भक्तों से पूछो,

हमरी ना मानो तो भक्तों से पूछो,

हमरी ना मानो तो भक्तों से पूछो, हां,

हमरी ना मानो तो भक्तों से पूछो,

जिनके गागर में हैं समाई ओ गंगा मैया,

जिनके गागर में हैं समाई ओ गंगा मैया,

कितना पावन है कितना निर्मल है,

कितना शीतल है तेरा पानी ओ गंगा मैया,

कितना शीतल है तेरा पानी ओ गंगा मैया।।

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