Phool Banu Firti Rahun Maa Ke Bhawan Mein/फूल बनूं खिलती रहूं मां के भवन में। तर्ज–पंक्षी बनूं उड़ती फिरूं।


फूल बनूं खिलती रहूं मां के भवन में,
जिया मेरा डोल रहा मां के भवन में,
फूल बनूं खिलती रहूं मां के भवन में,
जिया मेरा डोल रहा मां के भवन में।।

अरे सुन ले ओ मां शेरावाली,
मेरे हाथों में गंगाजल पानी 
अरे सुन ले ओ मां शेरावाली,
मेरे हाथों में गंगाजल पानी 
चरण धो लूं, चरण धो लूं मां के भवन में,
फूल बनूं खिलती रहूं मां के भवन में,
चरण धो लूं, चरण धो लूं मां के भवन में,
फूल बनूं खिलती रहूं मां के भवन में,
फूल बनूं खिलती रहूं मां के भवन में,
जिया मेरा डोल रहा मां के भवन में,
फूल बनूं खिलती रहूं मां के भवन में,
जिया मेरा डोल रहा मां के भवन में।।

अरे सुन ले ओ मां शेरावाली,
मेरे हाथों में पूजा की थाली,
अरे सुन ले ओ मां शेरावाली,
मेरे हाथों में पूजा की थाली,
पूजा करूं, पूजा करूं मां के भवन में,
जिया मेरा डोल रहा मां के भवन में,
पूजा करूं, पूजा करूं मां के भवन में,
जिया मेरा डोल रहा मां के भवन में,
फूल बनूं खिलती रहूं मां के भवन में,
जिया मेरा डोल रहा मां के भवन में,
फूल बनूं खिलती रहूं मां के भवन में,
जिया मेरा डोल रहा मां के भवन में।।

अरे सुन ले ओ मां शेरावाली,
तेरी चुनरी सितारों वाली,
अरे सुन ले ओ मां शेरावाली,
तेरी चुनरी सितारों वाली,
चूनर ओढ़ूं, चूनर ओढ़ूं मां के भवन में,
जिया मेरा डोल रहा मां के भवन में,
चूनर ओढ़ूं, चूनर ओढ़ूं मां के भवन में,
जिया मेरा डोल रहा मां के भवन में,
फूल बनूं खिलती रहूं मां के भवन में,
जिया मेरा डोल रहा मां के भवन में,
फूल बनूं खिलती रहूं मां के भवन में,
जिया मेरा डोल रहा मां के भवन में।।

अरे सुन ले ओ मां शेरावाली,
मेरे हाथों में हलवे की थाली,
अरे सुन ले ओ मां शेरावाली,
मेरे हाथों में हलवे की थाली,
भोग धरो, भोग धरो मां के भवन में,
जिया मेरा डोल रहा मां के भवन में,
भोग धरो, भोग धरो मां के भवन में,
जिया मेरा डोल रहा मां के भवन में,
फूल बनूं खिलती रहूं मां के भवन में,
जिया मेरा डोल रहा मां के भवन में,
फूल बनूं खिलती रहूं मां के भवन में,
जिया मेरा डोल रहा मां के भवन में।।
Share: