Aaye, Aaye Re Gajanand Aaye Re/आये आये रे गजानंद आये रे।तर्ज–चली, चली रे पतंग मेरी चली रे।


आये, आये रे गजानंदआये रे,

आये, आये रे गजानंदआये रे,

आये मंगलकरन और विघ्नहरण,

आये मंगलकरन और विघ्नहरण,

गौरी शंकर के लाला आये रे,

आये, आये रे गजानंदआये रे,

आये, आये रे गजानंदआये रे।।


इनके चरण धुला और चौकी सजा,

इनके चरण धुला और चौकी सजा,

इनके चरण दबा श्रद्धा भाव जगा,

इनके चरण दबा श्रद्धा भाव जगा,

मन मन्दिर में झांकी सजाइये,

मन मन्दिर में झांकी सजाइये,

आये, आये रे गजानंद आये रे,

आये, आये रे गजानंदआये रे।।


धूप, दीप जला, मेवा भोग सजा,

धूप, दीप जला, मेवा भोग सजा,

कंचन थाल लगा और इनको बुला,

कंचन थाल लगा और इनको बुला,

मेवा, लड्डू का भोग लगाइये,

मेवा, लड्डू का भोग लगाइये,

आये, आये रे गजानंद आये रे,

आये, आये रे गजानंदआये रे।।


आयें रिद्धि और सिद्धि बढ़ जाये बल बुद्धि,

आयें रिद्धि और सिद्धि बढ़ जाये बल बुद्धि,

इनकी महिमा अपरम्पार इनको पूजे सब संसार,

इनकी महिमा अपरम्पार इनको पूजे सब संसार,

इनके आगे सर को झुकाइये,

इनके आगे सर को झुकाइये,

आये, आये रे गजानंद आये रे,

आये, आये रे गजानंदआये रे,

आये मंगलकरन और विघ्नहरण,

आये मंगलकरन और विघ्नहरण,

गौरी शंकर के लाला आये रे,

आये, आये रे गजानंदआये रे,

आये, आये रे गजानंदआये रे।।


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